
नीमच। जहां एक ओर अधिकांश लोग स्वार्थ के बिना कोई काम नहीं करते,वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनी जान की परवाह किए बिना समाज और प्रकृति की सेवा में जुटे हुए हैं। ऐसा ही एक उदाहरण नीमच जिले के रेवली देवली गांव में देखने को मिला।गांव के एक किसान के बाड़े में देर रात रसल वाइपर प्रजाति का अत्यंत जहरीला सांप दिखाई दिया। सूचना मिलते ही सरवानिया महाराज निवासी रूपलाल पाटीदार, जो पर्यावरण प्रेमी एवं प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यूअर हैं, अपने साथी दीपेश पाटीदार के साथ मात्र 30 मिनट में मौके पर पहुंचे। दोनों ने पूरी सावधानी और सूझबूझ के साथ सांप का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।रूपलाल पाटीदार केवल सर्प रेस्क्यू तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गौसेवा के लिए भी क्षेत्र में जाने जाते हैं। शुरुआती दिनों में उन्होंने बीमार एवं घायल गौवंश का उपचार कर उन्हें गौशालाओं तक पहुंचाने का कार्य किया। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा और सर्प रेस्क्यू को अपना माध्यम बनाया। आज वे क्षेत्र में किसी 100 डायल की तरह सर्प निकलने की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचते हैं। इस कार्य से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा वे गौसेवा में लगाते हैं।इसके साथ ही रूपलाल पाटीदार लोगों को सांपों से जुड़े अंधविश्वासों से दूर रहने और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक भी करते हैं। उनके साथी दीपेश पाटीदार भी इस सेवा कार्य में लगातार सहयोग दे रहे हैं। दोनों मिलकर अब तक अनेक जहरीले और दुर्लभ सर्पों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ चुके हैं।स्थानीय लोगों ने दोनों की इस निस्वार्थ सेवा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो अपनी जान जोखिम में डालकर आमजन और वन्यजीवों दोनों की रक्षा का कार्य कर रहे हैं।











